बेहतर नींद
2023 में बेहतर नींद कैसे लें!

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हर गुज़रते साल के साथ आगे के सफ़र के लिए एक नई उम्मीद जुड़ती है। हम कहीं से भी हों, हमारी बुनियादी ज़रूरतें और इच्छाएँ एक जैसी ही होती हैं। मधुर रिश्ते, अच्छी किस्मत और इन सबको पाने के लिए अच्छी सेहत, जो हमारे लक्ष्यों को आसान बनाए।
‘मैस्लो की ज़रूरतों की हायरार्की/पिरामिड’ में अच्छी नींद सबसे पहले आती है, शारीरिक बुनियादी ज़रूरतों के हिस्से के रूप में, जिन्हें इंसान किसी भी ऊँचाई तक पहुँचने से पहले पूरा करना चाहता है।
अच्छी नींद की अहमियत को देखते हुए हम Sunday (www.sundayrest.com) टीम के स्लीप एक्सपर्ट्स द्वारा देखे गए नींद के कुछ पैटर्न का अध्ययन करते हैं, और बेहतर नींद के तरीक़े बताते हैं।
1. सोने का सबसे अच्छा समय रात 10-11 बजे के बीच है। जो लोग रात 10-11 बजे के बीच नहीं सोते, उन्हें नींद आने में दिक्कत होने की संभावना 25% ज़्यादा होती है।
- इसलिए बेहतर नींद के लिए रात 11 बजे तक सो जाना अच्छा है
2. देर रात खाना खाने से अक्सर रात बेचैनी में गुज़रती है और वज़न बढ़ता है। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले आख़िरी भोजन/डिनर कर लेना चाहिए। रिसर्च के मुताबिक़, जो लोग सोने से 2 घंटे से कम पहले खाते हैं, उन्हें नींद से जुड़ी समस्याएँ होने की संभावना 50% ज़्यादा होती है।
- ध्यान रखें कि डिनर और सोने के समय के बीच कम से कम 2 घंटे का फ़ासला हो।
3. जितने ज़्यादा गैजेट्स, उतनी ज़्यादा ख़लल। 90% से ज़्यादा बेडरूम में मोबाइल फ़ोन होता है। यह चलन IT राजधानी बेंगलुरु में सबसे ज़्यादा, 97% है। मुंबई वालों के मुक़ाबले बेंगलुरु और दिल्ली वालों के बेडरूम में लैपटॉप होने की संभावना ज़्यादा होती है।
- काम की सारी ज़िम्मेदारियों के बावजूद, सलाह दी जाती है कि सभी गैजेट्स बंद करके बेड से सुरक्षित दूरी पर रखें, ताकि ज़रूरत से ज़्यादा सतर्क न रहें और पूरी तरह डिस्कनेक्ट होकर शांत, स्वाभाविक नींद ले सकें।
4. अच्छी नींद और मैट्रेस की उम्र का गहरा संबंध है। 3 साल से पुराना मैट्रेस बदल देना चाहिए, क्योंकि इससे नींद की सेहत बिगड़ सकती है। पुराने मैट्रेस पर सोने वाले लगभग ज़्यादातर लोगों को शिकायतें होती हैं। हालाँकि मैट्रेस का प्रकार इतना मायने नहीं रखता, फ़ोम मैट्रेस (PU, लेटेक्स और लेटेक्स मैट्रेस टॉपर के साथ मेमोरी फ़ोम मैट्रेस) कुल मिलाकर सबसे लोकप्रिय लगते हैं। स्प्रिंग मैट्रेस करीब-करीब दूसरे नंबर पर हैं।
- अपने शरीर की सुनें, जानें कि कब मैट्रेस बदलने का समय है। 3 साल के बाद कभी भी आप इसे बदलने पर विचार कर सकते हैं।
5. धूम्रपान नींद पर बुरा असर डालता है। धूम्रपान न करने वालों के मुक़ाबले धूम्रपान करने वालों को नींद की समस्याएँ होने की संभावना 52% ज़्यादा होती है। साथ ही, जितनी ज़्यादा सिगरेट, गहरी नींद की संभावना उतनी कम।
- अपनी तंदुरुस्ती के लिए इस परेशान करने वाली आदत को छोड़ने का संकल्प लें, जो आपकी नींद और समूची सेहत को नुकसान पहुँचा रही है।
6. आख़िर में, इससे कोई संबंध नहीं कि आप बेड पर अकेले हैं या नहीं। यह ज़्यादा इस पर निर्भर करता है कि आप किन लोगों के साथ बेड साझा कर रहे हैं।
- प्यार भरे रिश्ते और घर के माहौल को संवारें, क्योंकि आख़िरकार अच्छी नींद के लिए सुरक्षा का एहसास मायने रखता है।
Written by Sunday. We make natural latex mattresses in India, and tell you how many inches of latex are inside. Why Sunday
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