बेहतर नींद
उपवास के दौरान अच्छी नींद कैसे लें

उपवास और नींद पर इसका असर
उपवास सदियों से हमारी जीवनशैली का हिस्सा रहा है; पहले लोग धार्मिक कारणों से उपवास रखते थे, और अब विज्ञान द्वारा इसके फ़ायदों की पुष्टि होने के बाद यह एक डाइट कल्चर बन गया है, जिसमें इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग, OMAD जैसे ट्रेंड छाए हुए हैं।

हालाँकि उपवास को ईश्वर के प्रति भक्ति और आत्म-नियंत्रण की परीक्षा के रूप में रखा जाता है, लेकिन इससे हमारी नींद कम नहीं होनी चाहिए। अलग-अलग धर्मों में उपवास का मतलब है सिर्फ़ कुछ ख़ास घंटों में खाना या हमारी नींद को प्रभावित करने वाले कुछ खाने भी छोड़ देना। नवरात्रि, शिवरात्रि और एकादशी में आटा और अनाज छोड़ना होता है, रमज़ान में सिर्फ़ सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद खाया जा सकता है, और Lent में, ईसाइयों के उपवास के समय में भी संयम ही मुख्य है। दिलचस्प बात यह है कि खाने के समय या आदतों में कोई भी बदलाव हमारे नींद के बदले हुए पैटर्न से सीधे जुड़ा होता है।
उपवास और अनिद्रा
इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग के साबित फ़ायदे हैं जो हमें नींद में मदद करते हैं, लेकिन शुरुआत में स्थिति अलग हो सकती है, और अचानक बदलावों की वजह से लोगों को अनिद्रा हो सकती है। ऐसा मुख्य रूप से इसलिए होता है क्योंकि इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग से शरीर में बदलाव होते हैं, जैसे ग्रोथ हार्मोन्स, मेटाबॉलिक रेट और इंसुलिन के स्तर में बढ़ोतरी।
इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग सर्केडियन रिदम को भी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि शरीर को खाने के समय में बदलाव के हिसाब से ढलने में समय लगता है, जिससे नींद का समय बिगड़ जाता है।
अगर उपवास सही तरीक़े से न किया जाए, तो खाना न खाने से भी अनिद्रा हो सकती है; कैलोरी की बड़ी कमी शरीर के रोज़ाना कामकाज को बदल सकती है, जिसमें नींद का शेड्यूल भी शामिल है, और इससे अनिद्रा हो सकती है।
उपवास के दौरान तरोताज़ा रहने के टिप्स।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें इस समय का इस्तेमाल बेहतर महसूस करने और ज़्यादा सुकून से सोने के लिए किया जा सकता है। जहाँ अनुमति हो, वहाँ खीरा और तरबूज़ जैसी क्षारीय सब्ज़ियाँ और फल खाएँ। साफ़ पानी के अलावा नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी से भी शरीर में पानी की कमी न होने दें। इंसानी शरीर में 80% से 60% पानी होता है। जन्म के समय हममें इसका प्रतिशत सबसे ज़्यादा होता है और मृत्यु तक सबसे कम। यह भी एक वजह है कि हम जवानी में सबसे अच्छी और बुढ़ापे में सबसे ख़राब नींद लेते हैं। शरीर में पानी की अच्छी मात्रा हमारी कोशिकाओं के सही कामकाज को पक्का करती है, जो हमारे मन और शरीर के लिए बेहद ज़रूरी है। अगर शरीर में पानी की सही मात्रा हो, तो हमारी दिमाग़ी कोशिकाएँ संतुलन में रहेंगी और रात की अच्छी नींद पक्की करेंगी।

- मन और शरीर को डिटॉक्स करें नींद हमारे भूख के पैटर्न से जुड़ी है। इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग से दिमाग़ ज़्यादा सक्रिय हो सकता है, जिससे नींद आना मुश्किल हो सकता है। इसलिए इस दौरान नींद की दिनचर्या बनाना और जितना हो सके गैजेट्स से दूर रहना और भी ज़रूरी है। आम लत लगाने वाली आदतों से दूर रहें और प्रकृति के साथ ज़्यादा समय बिताएँ। रोज़ किसी हरे-भरे पार्क में टहलने जाएँ। अपने शरीर को अपनी नई दिनचर्या के हिसाब से ढालें और उस पर टिके रहें। इसे आत्म-चिंतन और डिटॉक्स का समय बनाएँ। आपका शरीर जितना डिटॉक्स महसूस करेगा, आपकी सोच उतनी ही साफ़ होगी और आप उतनी ही गहरी नींद ले पाएँगे। हो सके तो मसाज करवाएँ, इससे आपकी मांसपेशियों को आराम मिलेगा और डिटॉक्स में मदद मिलेगी। सोने से ठीक पहले शांत होने के लिए ग्रीन टी या कैमोमाइल टी पिएँ।
- झपकी लें अगर आप घर पर हैं या ऑफ़िस में आपका अपना केबिन है, तो तरोताज़ा रहने के लिए झपकी लेने की कोशिश करें। हर तरह के उपवास में कुछ हद तक आत्म-संयम चाहिए। झपकी से हमारी कोशिकाएँ रिचार्ज होती हैं, हार्ट अटैक की संभावना कम होती है, नर्वस सिस्टम शांत होता है और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है, यह साबित हो चुका है। वह आधा-एक घंटा आपको सेहतमंद और ऊर्जावान रखने का सुनहरा मौक़ा साबित हो सकता है।
- कॉफ़ी और सॉफ़्ट ड्रिंक्स से बचें कॉफ़ी, सॉफ़्ट ड्रिंक्स और चॉकलेट जैसे उत्तेजकों से बचें, जो आराम और नींद में बाधा डाल सकते हैं। ख़ासकर सोने के समय के क़रीब, सभी उत्तेजकों से दूर रहें।
- वह करें जो आप दूसरे समय नहीं करते इस समय को पुराने दिनों की तरह परिवार और दोस्तों के साथ बैठकर, कहानियाँ सुनाकर और ईश्वर को याद करके बिताएँ। कोई अच्छी फ़िल्म देखें जिसे आप अपनों के साथ शेयर करना चाहते हैं।
ये सभी टिप्स आपको न सिर्फ़ अपना उपवास आसानी से पूरा करने बल्कि उसका आनंद लेने में भी मदद करेंगे। हमारे यहाँ उपलब्ध किफ़ायती बेड मैट्रेस के साथ अब उपवास के दौरान सोना कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
General information, not medical advice. If poor sleep goes on for weeks, please see a doctor.
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