नींद का विज्ञान

क्या आप जानते हैं, हर मौसम के साथ नींद का पैटर्न बदलता है?

By Alphonse Reddy · Updated · 3 min read

Did you know, Sleep patterns change with every season?

मौसम बदलने के साथ आपको भी लगेगा कि आपकी नींद का पैटर्न बदल रहा है। आपका नींद का चक्र मौसम के साथ बदलता है। रोशनी, तापमान, एलर्जी और समय में बदलाव इंसान के नींद चक्र को प्रभावित करते हैं।

सोने-जागने के चक्र को नियंत्रित करने वाला हार्मोन मेलाटोनिन अंधेरे में सक्रिय होता है। बादल वाले दिनों में आप सुस्त महसूस कर सकते हैं, क्योंकि ज़्यादा मेलाटोनिन से थकान होती है। दूसरी तरफ़, गर्मियों में लंबे दिनों की वजह से आपका रात में देर तक जागने का मन कर सकता है, जिससे रात में नींद के घंटे कम हो जाते हैं।

साथ ही, तापमान बढ़ने पर गर्म हवा शरीर की म्यूकस मेम्ब्रेन को सुखा देती है, जिससे बीमारी का ख़तरा बढ़ जाता है। एलर्जी या फ़्लू होने से नींद के पैटर्न पर बुरा असर पड़ सकता है, ख़ासकर तब जब मौसम बदल रहा होता है।

हर मौसम में अच्छी नींद पाने के तरीक़े

  1. रोशनी का संपर्क संभालें: ब्लैकआउट ब्लाइंड्स या पर्दों से अपने बेडरूम में अंधेरा रखें। गर्मियों की लंबी रातों में भी, खिड़कियों से धूप अंदर न आने पर आप बेहतर सो पाएँगे। सर्दियों के महीनों में, अगर आप दिन में सुस्ती महसूस करते हैं, तो जब भी हो सके बाहर जाएँ और अपने घर में जितनी हो सके उतनी रोशनी आने दें।
  2. एलर्जी के मौसम में नाक की साफ़-सफ़ाई रखें: एलर्जी के मौसम में अच्छी नींद की कुंजी है अपनी एलर्जी को काबू में रखना। इससे लड़ने के लिए शरीर को मज़बूत बनाने हेतु ज़रूरी विटामिन लें। नेज़ल स्प्रे और एंटीहिस्टामाइन आज़माएँ। शरीर और बालों से एलर्जी पैदा करने वाली चीज़ें धोने के लिए सोने से पहले नहाएँ। घर में एलर्जी के कारक कम रखने के लिए रात में खिड़कियाँ बंद रखें और अपनी चादरें व तकिए बार-बार धोएँ। एयर प्यूरीफ़ायर लेने पर भी विचार करें।
  3. दिनचर्या बनाए रखें: मौसम कोई भी हो, जितना हो सके नींद का नियमित शेड्यूल बनाए रखें। सोने का कोई तय समय न होना ही हर दिन महसूस होने वाली उनींदापन या सुस्ती की वजह है। अगर आप नियमित शेड्यूल रखते हैं फिर भी दिन में थकान महसूस करते हैं, या रात में सोए रहने में दिक़्क़त होती है, तो हो सकता है कि आपको कोई स्लीप डिसऑर्डर या कोई कमी हो। अगर आपको लगता है कि आपको स्लीप डिसऑर्डर हो सकता है, तो स्लीप टेस्ट के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। नई दिनचर्या तब तक जारी रखें जब तक वह आदत न बन जाए और आप आसानी से नींद में न चले जाएँ।

मौसम बदल सकते हैं और उनके पैटर्न भी, लेकिन हमारे बेस्ट क्वालिटी मैट्रेस का आराम कभी नहीं बदलता।

Written by Sunday. We make natural latex mattresses in India, and tell you how many inches of latex are inside. Why Sunday

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