नींद का विज्ञान
साथ मिलकर..अच्छी नींद कैसे लें!

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बेहतर नींद के लिए करीब रहें
यह देखना दिलचस्प है कि शादी के बाद जब आप अपने जीवनसाथी के साथ रहने लगते हैं, तो नींद के तौर-तरीक़े कैसे बदलते हैं और तालमेल नींद की आदतों तक पहुँच जाता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन बताता है कि पार्टनर जितना ज़्यादा समय साथ बिताते हैं, उतना ही वे बुनियादी जैविक तंत्रों में भी एक-दूसरे जैसे होने लगते हैं। इसे कोरेगुलेशन कहते हैं, यानी आप अपने पार्टनर के जितना करीब होंगे, आपकी दिनचर्या उतनी ही एक-दूसरे जैसी होनी चाहिए। हो सकता है आप एक जैसे साँस लें और लगभग एक ही समय पर करवटें भी बदलें।
लेकिन इसमें समय लग सकता है और कुछ मामलों में उस संतुलन तक पहुँचने तक पार्टनर्स को थोड़ा समझौता करना पड़ता है। साथ ही, भले ही कोरेगुलेशन में दम हो, हम ऐसे चुनौती भरे दौर में जी रहे हैं जिसमें कपल का गहरी नींद लेना मुश्किल होता जा रहा है, इसलिए कोशिशें बढ़ाने की ज़रूरत है।
वरिष्ठ मनोचिकित्सक Dr Sanjay Chugh के मुताबिक़, “ज़िंदगी की बढ़ती माँगों और दबावों के चलते, ज़्यादातर लोगों को सबसे पहले तो पर्याप्त नींद ही नहीं मिल रही और वे लगातार उनींदापन से परेशान हैं। इससे शारीरिक सेहत की समस्याओं के साथ-साथ मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, ध्यान न लगना, लगातार थकान और कम ऊर्जा जैसी मानसिक समस्याएँ भी होती हैं। और यह खीझ सबसे पहले पार्टनर पर ही निकलती है। काम में कार्यक्षमता घटने के अलावा, इसका रिश्ते पर भी बड़ा असर पड़ता दिखता है”।
इससे शारीरिक और भावनात्मक दूरी बढ़ती है। “जब एक पार्टनर नींद की कमी महसूस करता है, तो वह किसी भी तरह की नज़दीकी को लेकर उत्साहित नहीं होता, क्योंकि इसका मतलब नींद का और समय गंवाना हो सकता है। यह दूसरे इंसान के लिए चिंता की वजह बन सकता है,” Dr Chugh कहते हैं।
एक-दूसरे की नींद की आदतों के साथ बेहतर तालमेल कैसे बिठाएँ:
1) इस पर बहस करने की बजाय कि किसे किसके हिसाब से ढलना चाहिए, ज़िम्मेदारी लें और सुझाएँ कि दोनों मिलकर बीच का रास्ता निकालें। शायद सुबह जल्दी उठने वाला आधा घंटा ज़्यादा सो सके या देर रात तक जागने वाला आधा घंटा पहले सोने चला जाए। आख़िर अगर आप अपने पार्टनर की परवाह करते हैं, तो ये छोटे-छोटे बदलाव कोई बड़ी बात नहीं लगने चाहिए।
2) नींद की कुछ आदतें, जैसे बिस्तर पर बार-बार करवटें बदलना, देर तक बिस्तर पर जागते रहना और टीवी देखना या लाइट जलाकर किताब पढ़ना, कपल्स के बीच झगड़े की वजह बनती हैं और रिश्ते की गुणवत्ता पर असर डालती हैं। ज़ोरदार ख़र्राटे जैसी दूसरी समस्याएँ पार्टनर्स को अलग बेड या अलग कमरों में सोने पर मजबूर कर सकती हैं, और यह हल साथ होने के एहसास में कमी जैसी दूसरी समस्याएँ पैदा कर सकता है। भावनात्मक रूप से करीब रहना बहुत ज़रूरी है, और आजकल मिलने वाले कई एडवांस समाधानों के साथ, बिना ख़लल के साथ सोने का कोई न कोई तरीका ज़रूर खोजें। जगह साझा करना कभी बंद न करें।
3) अगर आपको किसी वजह से जल्दी उठना है, तो अपने पार्टनर को अगली सुबह का अपना शेड्यूल बता दें। साथ ही, अपने पार्टनर की ज़रूरतों का ख़्याल रखते हुए जितना हो सके बिना आवाज़ किए तैयार हों।
मैट्रेस मायने रखता है:
सही मैट्रेस आपके और आपके पार्टनर के लिए रात की अच्छी नींद पक्की करता है। तो दो अलग तरह से सोने वालों के लिए एक मैट्रेस का परफ़ेक्ट चुनाव करें। ऑनलाइन देखें और बेहतर नींद के लिए बेस्ट क्वालिटी का बेड और मैट्रेस ख़रीदें।
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